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स्वास्थ्य ढांचे पर बड़ा फोकस: 3000 करोड़ से उपकरण खरीद, 300 डॉक्टरों का प्रशिक्षण व अवकाश रिजर्व कोटा

➤ अप्रैल से 3000 करोड़ रुपये में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद
➤ DHS में 300 डॉक्टरों का प्रशिक्षण, अवकाश रिजर्व कोटा बनाने के निर्देश
➤ IGMC में PET स्कैन व रोबोटिक सर्जरी, मेडिकल कॉलेजों में छोटे बैच का निर्देश

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और अधोसंरचना विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अप्रैल से राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में 3000 करोड़ रुपये व्यय कर विश्वस्तरीय, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे नैदानिक सेवाएं और मजबूत होंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि IGMC शिमला में जल्द PET स्कैन और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होगी। वहीं सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में रोबोटिक सर्जरी सेवाएं पहले से उपलब्ध हैं। ‘आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों’ को भी सशक्त किया जा रहा है, ताकि मरीजों को घर के नजदीक बेहतर इलाज मिल सके।

मुख्यमंत्री ने DHS में 300 डॉक्टरों के प्रशिक्षण और अवकाश रिजर्व कोटा बनाने के निर्देश दिए, ताकि पीजी कोर्स के लिए जाने वाले डॉक्टरों से उत्पन्न रिक्तियों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों। साथ ही मेडिकल छात्रों के लिए छोटे बैच बनाने के निर्देश दिए गए—किसी भी कक्षा में 60 से अधिक छात्र न हों। मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नए लेक्चर थिएटर निर्माण में सहयोग दिया जाएगा।

सरकार ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए विस्तृत कार्य योजना पर काम कर रही है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, विशेष सचिव अश्विनी कुमार, निदेशक आयुष निपुण जिंदल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।